Saturday, November 30, 2024

Bihar: बिहार में शिक्षक भर्तियों की काउंसलिंग के लिए एक लाख 47 हजार 534 अभ्यर्थी योग्य; नोट करें सभी तिथियां

Bihar: बिहार में शिक्षक भर्तियों की काउंसलिंग के लिए एक लाख 47 हजार 534 अभ्यर्थी योग्य; नोट करें सभी तिथियां


BPSC TRE 3.0 Counselling: बिहार शिक्षा विभाग ने हेड टीचर, हेड मास्टर, तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती, सक्षमता-2 परीक्षा में योग्य उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी किया है। संबंधित उम्मीदवार नीचे पूरा विवरण जान सकते हैं।


Bihar: बिहार शिक्षा विभाग ने हेड टीचर, हेड मास्टर, तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती, सक्षमता-2 परीक्षा में योग्य उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर दिया है। कुल 1,47,534 उम्मीदवार काउंसलिंग राउंड के लिए उपस्थित होने के पात्र हैं।



काउंसलिंग स्थल पर काउंटरों की व्यवस्था इस प्रकार की जाएगी कि प्रत्येक काउंटर पर प्रतिदिन कम से कम 50-60 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जा सके। काउंसलिंग के लिए निर्धारित दिन और उसमें उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर काउंटरों की संख्या निर्धारित की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी बिहार शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं

हेड टीचर, हेड मास्टर काउंसलिंग

आधिकारिक सूचना के अनुसार, कुल 36947 उम्मीदवारों ने हेड टीचर पदों के लिए और 5971 उम्मीदवारों ने हेड मास्टर पदों के लिए अर्हता प्राप्त की है। काउंसलिंग की संभावित तिथि 9 दिसंबर से 13 दिसंबर 2024 तक है। हेड टीचर पद के लिए काउंसलिंग उस जिले में आयोजित की जाएगी जहां शिक्षक पद पर हैं और हेड मास्टर पद के लिए संभाग के मुख्यालय जिले में।

बीपीएससी टीआरई 3.0 काउंसलिंग

तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती के तहत कक्षा 1-5 के लिए 21,911 उम्मीदवार पास हुए हैं, और कक्षा 6-8 के लिए 16,989 उम्मीदवार पास हुए हैं। काउंसलिंग का संभावित कार्यक्रम 16 दिसंबर से 20 दिसंबर 2024 तक है। काउंसलिंग BPSC द्वारा आवंटित जिले में आयोजित की जाएगी।

सक्षमता 2 परीक्षा काउंसलिंग

कुल 65716 अभ्यर्थी बीएसईबी सक्षमता 2 परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। योग्य अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 23 दिसंबर से 31 दिसंबर, 2024 तक शिक्षक की तैनाती वाले जिले में होगी।

बिहार TRE 3.0, हेड मास्टर और प्रधान शिक्षक भर्ती का काउंसलिंग शेड्यूल जारी, देखें तिथियां
बिहार शिक्षा विभाग ने बीपीएससी द्वारा नियुक्त प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों की काउंसलिंग की तिथि निर्धारित कर दी है।




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Tuesday, November 19, 2024

Google को झटका! बड़ी तैयारी में अमेरिका, कंपनी को बेचना पड़ सकता है Chrome, जज अमित मेहता का फैसला कब आएगा

Google को झटका! बड़ी तैयारी में अमेरिका, कंपनी को बेचना पड़ सकता है Chrome, जज अमित मेहता का फैसला
कब aayega

Google को अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट से बड़ा झटका लग सकता है. DOJ गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट को अपना ब्राउजर Chrome बेचने के लिए मजबूर करवा सकती है. इसकी वजह गूगल के खिलाफ इस साल अगस्त में आया एक फैसला है, जिसमें अदालत ने माना है कि गूगल ने मार्केट में अपनी स्थिति का फायदा उठाया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट गूगल पर क्रोम को बेचने के लिए दबाव बनवा सकता है. ब्लूबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, US जस्टिस डिपार्टमेंट, Google की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट पर Chrome ब्राउजर को बेचने का दबाव बनाने के लिए जज से कह सकता है. इस मामले से जुड़े लोगों के हवाले से ये जानकारी दी गई है. 

इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और गूगल के Android ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर भी डिपार्टमेंट महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है. इसके अलावा जज अमित मेहता दिग्गज टेक कंपनी के लिए डेटा लाइसेंसिंग को जरूरी कर सकते हैं. 

गूगल के खिलाफ कोर्ट ने क्या कहा?
अगर ये सभी फैसले ले लिए जाते हैं, तो ये किसी भी टेक्नोलॉजी कंपनी के खिलाफ उठाया गया सबसे बड़ा कानूनी कदम होगा. अगस्त में आए एक फैसले में कोर्ट ने गूगल को एंटी-ट्रस्ट नियमों के उल्लंघन का दोषी माना था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि गूगल ने सर्च और एडवर्टाइजमेंट मार्केट में अपने एकाधिकार का गलत फायदा उठाया है. 

कोर्ट ने कहा था, 'सभी गवाहों और सबूतों को ध्यान से देखने और समझने पर अदालत इस फैसले पर पहुंची है कि गूगल एकाधिकारवादी है और उसने अपने एकाधिकार को बनाए रखने के लिए काम किया है.'

मार्केट में Chrome की हिस्सेदारी
मौजूदा ग्लोबल ब्राउजर मार्केट पर नजर डाले तो Google Chrome की 65 परसेंट की हिस्सेदारी है. वहीं Apple Safari का मार्केट शेयर 21 फीसदी है. गूगल को Android OS को लेकर भी कड़े फैसलों का सामना करना पड़ सकता है. रिपोर्ट की मानें तो गूगल को Android OS को अपनी दूसरी सर्विसेस से अलग करना होगा. इसमें सर्च और Google Play Mobile सर्विसेस हैं

अभी आप एक Android स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो उसमें गूगल की तमाम सर्विसेस प्री-इंस्टॉल्ड होती हैं. हालांकि, भविष्य में ये कहानी बदल सकती है. गूगल आपको सर्च इंजन से लेकर मेल सर्विसेस और दूसरी सर्विसेस को अलग से जोड़ने की सुविधा दे सकता है. इस मामले में फैसला होने में अभी वक्त लगेगा.

जज अमित मेहता गूगल के मामले में अगस्त 2025 में फैसला सुना सकते हैं. उसके बाद ही कंपनी इसके खिलाफ अपील कर पाएगी. Chrome गूगल के लिए एक महत्वपूर्ण असेट है. इसके जरिए कंपनी की बड़ी कमाई होती है. इन सब के अतिरिक्त अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप का वापस सत्ता में आना इस मामले में बड़ा उल्टफेर कर सकता है. गूगल के खिलाफ इस केस की शुरुआत ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुई थी. हालांकि, इसमें फैसला बाइडेन के कार्यकाल में आया है.






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Monday, November 18, 2024

Bihar Teacher News: बिहार में फिर होगी टीचरों की भर्ती, शिक्षा मंत्री ने दी खुशखबरी; यहां पढ़ें डिटेल

Bihar Teacher News: बिहार में फिर होगी टीचरों की भर्ती, शिक्षा मंत्री ने दी खुशखबरी; यहां पढ़ें डिटेल

बिहार सरकार दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की बहाली करने जा रही है। बिहार लोक सेवा आयोग इसके लिए तैयारी कर रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा पर 70 हजार करोड़ का बजट खर्च कर रही है और नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में शिक्षा की दशा सुधरी है और आगे भी सुधारा जाएगा।

बिहार में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार की तरफ से विशेष शिक्षकों की बहाली जल्द की जाएगी। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की तरफ से तैयारी की जा रही है। यह प्रक्रिया पूर्ण होते ही दिव्यांग बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिलने लगेगी।


इसके साथ ही सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का कार्य किया जा रहा है। उक्त बातें जिला अतिथि गृह में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहीं।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की तरफ से शिक्षा पर एक बड़ा बजट खर्च किया जा रहा है। 1990 के दौर में पूरे बिहार का बजट मात्र 25 हजार करोड़ था।

अभी वर्तमान की सरकार केवल शिक्षा पर 70 हजार करोड़ का बजट खर्च कर रही है। नियोजित शिक्षकों को भी सरकार ने राज्य कर्मी का दर्जा देने का कार्य किया है। सभी शिक्षक ईमानदारी से करने का कार्य करें। क्योंकि, उन्हें जो बनना था, बन चुके हैं


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BPSC Bihar Shikshak Bharti: तो मात्र 5000 रुपये में लीक हो गया बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर!

BPSC Bihar Shikshak Bharti: तो मात्र 5000 रुपये में लीक हो गया बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर!

BPSC Bihar Shikshak Bharti 2024: बिहार शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी बात सामने आई है जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण का पेपर भी लीक हो गया था. आइए जानते हैं इस मामले में कौन सी रिपोर्ट सामने आई 


BPSC Bihar Shikshak Bharti 2024: बिहार शिक्षक भर्ती के दूसरे चरण की परीक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि बिहार दूसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक (Bihar Paper Leak) हो गया था. यह राज बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच रिपोर्ट में खुला है. EOU ने TRE 3 पेपर लीक केस की जो चार्जशीट कोर्ट में जमा की है, उसमें यह बात सामने आई है. जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं. बता दें कि बिहार में दूसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा पिछले साल यानी वर्ष 2023 में 7 से 15 दिसंबर तक आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में कुल एक लाख 22 हजार अभ्यर्थियों ने सफलता पाई थी.

और क्या-क्या खुला राज?
शिक्षक भर्ती परीक्षा की जांच में कई बातें सामने आई हैं. जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि इस परीक्षा के पेपर को विभिन्न जिलों में ले जाने वाली गाड़ियों में से एक पिकअप वाहन का ड्राइवर शिवकांत था, जो भोजपुर का रहने वाला था. परीक्षा से पहले शिवकांत और राहुल पेपर लेकर पटना से मोतिहारी के लिए रवाना हुए थे.

पांच हजार में लीक हो गया पेपर
पेपर लीक मामले में पुलिस की पूछताछ में कई बातें सामने आईं. रिपोर्ट में कहा गया है कि शिवकांत ने पुलिस को बताया कि उसे पेपर लीक कराने के लिए राहुल ने पांच हजार रुपये दिए थे. जिसके बाद, जब वह पिकअप लेकर सराय टोल टैक्स पर पहुंचा, तो राहुल ने गाड़ी रुकवाई और वहां बिहार सरकार लिखी गाड़ियों में पेपर वाला बॉक्स रखवा दिया. इन गाड़ियों में कुल 7 लोग थे. इसके बाद वह मोतिहारी रवाना हुआ. जब पिकअप मुजफ्फरपुर पहुंची, तो वहां दो गाड़ियां खड़ी थीं, जिनमें से पेपर बॉक्स निकालकर राहुल ने वापस पिकअप में रख दिया, जिसे लेकर पिकअप मोतिहारी डीएम कार्यालय के लिए निकल गई. इस पूरे काम के लिए राहुल ने शिवकांत को पांच हजार रुपये दिए थे.